
जौनपुर-डीवीएनए। मरकजी सीरत कमेटी के नायब सदर शकील मंसूरी ने कहा है कि गुनाहों की माफी देती है शबे कद्र की रात, रमजान के पाक महीने में इबादत गुजार बंद,े पहली रात से ही अपने माबूद अल्लाह को मनाने उसकी इबादत करने में जुट जाते हैं, इन नेक बन्दों के लिए शबे ए कद्र परवरदिगार का अनमोल तोहफा है, कुरान पाक में इसे हजारों महीनों से सृष्ट रात बताया गया है।
उन्होंने कहा कि अकीदत और इमान के साथ इस रात में इबादत करने वालो के पिछले गुनाह माफ कर दिए जाते हैं आलिमो का कहना है कि जहां भी पिछले गुनाह माफ करने की बात आती है वहां छोटे गुनाह बख्श दिए जाने से मुराद होती हैं रसूलल्लाह ने शबे -ऐ – कद्र के लिए रमजान की 21, 23, 25, और 29वी रात बताई इन रातो में रातभर मुख्तलिफ इबादत की जाती हैंजिनमे नफिल नमाजे पढना . कुरान पढना. मुख्तलिफ तसबीहात पढना अहम है रमजान में खुदा की रहमत पूरे जोश पर होती है शबे कद्र यानी हजार महीनों से बेहतर रात इस रात में कुरान उतारा गयाऔर इसी शब् में अनगिनत लोगो को माफी दी जाती हैं इसलिए पूरी रात जागकर इबादत की जाती है कोविड 19की गाईड लाइन का पालन करते हुए घरो में इबादत करे इस कोरोना के खातमे के लिए अल्लाह से इस पाक महीने में कसरत से दुआ करे।