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बांदा में बजने लगे दांत, नहीं मिल रही प्राकृतिक आंच

बांदा। डीवीएनए
जिले में जबरदस्त सर्दी का अहसास होने लगा है। ठंड में दांत बजने लगे हैं।कड़ाके की ठंड में सूर्य देवता की भी मेहरबानी चार दिनों से नहीं हो रही। सुबह कोहरा की धुंध छटती है तो बदली डेरा जमा लेती है। दिन भर बादल छाए रहते हैं। पूरे दिन सूर्य देव के दर्शन को लोग तरसते हैं। तापमान में भी एक डिग्री की कमी और आ गई है। कड़ाके की सर्दी के बावजूद अभी तक सार्वजनिक स्थलों पर अलाव नहीं जल सके हैं।
जिले में सर्दी का सितम बढ़ रहा है। पिछले चार दिनों से मौसम में बदलाव के बाद गलन धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। पहाड़ों से होकर आ रही तेज पछुवा हवाओं ने लोगों को कंपकंपाने को मजबूर कर दिया। मंगलवार को भी सुबह शहर कोहरे की धुंध में डूबा रहा। करीब आठ बजे कोहरा छोटा तो हल्के सूर्य देव के दर्शन हुए,फिर वह बादलों में छुप गये। लेकिन धूप ठंड से कोई राहत नहीं दे सकी। सूर्य देव पूरे दिन जद्दोजहद करते नजर आए। जैसे-जैसे शाम ढली, सार्वजनिक स्थलों व सड़क किनारे बेसहारा व गरीब ठिठुरते नजर आए।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक मंगलवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री और न्यूनतम 11.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में 65 फीसद आ‌र्द्धता रही। दिन में 1.2 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पछुआ हवाएं चलीं। वहीं कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभागाध्यक्ष डॉ.दिनेश शाह ने बताया कि पहाड़ों में पिछले चार दिनों से जमकर बर्फबारी हो रही है। उसी दिशा से तेज हवाएं आ रही हैं और बुंदेलखंड को अपनी चपेट में ले रही हैं। यही वजह है कि गलन बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि अगले दो दिनों में तापमान और नीचे गिर सकता है। सुबह कोहरा का सामना करना पड़ेगा।शासन ने सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने के लिए डेढ़ माह पूर्व ही धनराशि जारी कर दी थी। प्रत्येक तहसील को 25-25 लाख रुपये मिले हैं, लेकिन अभी तक जिम्मेदारों ने अलाव नहीं जलवाया। सदर तहसीलदार अवधेश निगम का कहना है कि एक-दो दिन में सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाए जाएंगे।
संवाद विनोद मिश्रा

Digital Varta News Agency

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