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फूल और मसाला की खेती करें, हो जायेंगे मालामाल

बांदा डीवीएनए। बुंदेलखंड क्षेत्र में फूलों और मसालों की खेती पलायन रोकने के साथ मालामाल कर सकती हैं। शासन पलायन रोकने के लिए किसानों को बागवानी, मसाला व पुष्प की खेती के लिए प्रोत्साहित भी कर रहा हैं। इसी के तहत जिले में किसानों ने इस वर्ष 75 हेक्टेयर में पुष्प, फल और मसाला खेती तैयार कर ली है। किसानों को इसमें 7.45 लाख रुपये उद्यान विभाग अनुदान दे रहा है। समृद्धि की यह खेती लहलहाने से उनकी आय में इजाफा होगा।
कभी पिछड़े क्षेत्र में शुमार बुंदेलखंड अब विकास की इबारत लिखने को तैयार है। परंपरागत गेहूं व धान की खेती में लगातार घाटा उठा रहे बुंदेली किसानों का रुख अब व्यवसायिक खेती की तरफ है। गेहूं व धान में लागत बढ़ने से मुनाफा कम हो रहा है। ऐसे में किसान लहसुन, प्याज, मिर्च सहित फूलों की खेती कर रहे हैं। मसाला व फूलों की खेती के लिए किसानों को शासन से अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। एक हेक्टेयर में 30 से 35 हजार रुपये लागत आती है। इसमें 50 फीसद अनुदान मिलने से किसानों को काफी राहत मिल जाती है। इस वर्ष जनपद में उद्यान विभाग ने 75 हेक्टेयर क्षेत्रफल में लहसुन, प्याज व मिर्च आदि के साथ गेंदा की खेती करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। करीब आधा सैकड़ा किसानों ने मसाला व फूलों की खेती का मन बनाया। उद्यान विभाग से किसानों को लहसुन व प्याज आदि का बीज मुहैया कराया गया। नरैनी, महुआ, बड़ोखर, बिसंडा व तिदवारी ब्लाक में किसानों ने मसाला की फसल बोई है। अब यह लहलहाने को तैयार है। फरवरी में उन्हें इन फसलों से अच्छी आय मिलेगी। किसानों के उत्साह को देखते हुए उद्यान विभाग अगले वर्ष इसका दायरा बढ़ाएगा।
उद्यान विभाग 20 हेक्टेयर में पुराने बागों का अनुरक्षण कराएगा। इसके लिए लाभार्थी को प्रति हेक्टेयर 19 हजार रुपये अनुदान मिलेगा। इसी तरह 20 हेक्टेयर में पपीता, आम, आंवला, अमरूद की नई बागवानी तैयार कराएगा। इसमें 11 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान दे रहा है। वहीं 39 हेक्टेयर में लहसुन, प्याज की खेती करा रहा है। इसमें किसानों को लहसुन व प्याज का मुफ्त बीज दिया गया है।
जिला उद्ययान अधिकारी परवेज खां कहतें हैं की लहसुन और प्याज की खेती कर किसान अच्छी आमदनी ले सकेंगे। इन मसालों की जिले में इतनी खपत है कि बेचने की टेंशन नहीं रहेगी। प्याज सुरक्षित रखने के लिए किसानों को पैक हाउस पर भी अनुदान दिया जा रहा है।
संवाद विनोद मिश्रा

Digital Varta News Agency

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